onlinejyotish.com free Vedic astrology portal

ज्योतिष पाठ - मेष राशि द्वादश भाव फल (Aries in 12 Houses)


किसी भी राशि का स्वभाव इस बात पर निर्भर करता है कि वह कुंडली के किस भाव (House) में स्थित है। मेष एक अग्नि तत्व (Fire) और चर (Movable) राशि है, जिसके स्वामी मंगल (Mars) हैं। अतः मेष राशि जिस भाव में होती है, उस भाव से संबंधित विषयों में सक्रियता, गति और थोड़ा आक्रामक स्वभाव देखा जाता है।

नीचे दी गई तालिका में मेष राशि के 1 से 12 भावों में होने पर (अर्थात् विभिन्न लग्नों के लिए) मिलने वाले सामान्य परिणामों को देखें:

भाव (House) लग्न (Ascendant) मेष राशि का प्रभाव (Results of Aries)
1ला भाव (लग्न) मेष लग्न जातक अत्यंत सक्रिय और साहसी होता है। स्वतंत्र विचार प्रबल होते हैं। क्रोध जल्दी आता है और जल्दी शांत हो जाता है। नेतृत्व के गुण जन्मजात होते हैं।
2रा भाव (धन) मीन लग्न वाणी सीधी और कभी-कभी कठोर हो सकती है। परिवार में विवाद की संभावना रहती है। जातक स्वयं के परिश्रम से धन अर्जित करता है। गरम और तीखा भोजन पसंद होता है।
3रा भाव (भ्रातृ) कुंभ लग्न भाई-बहनों के साथ संबंध मजबूत लेकिन संघर्षपूर्ण हो सकते हैं। जातक बहुत साहसी होता है। यात्राओं में रुचि रहती है और संचार में आक्रामक होता है।
4था भाव (मातृ) मकर लग्न घर का वातावरण थोड़ा अशांत रह सकता है। माता का स्वभाव प्रभुत्व जमाने वाला हो सकता है। रियल एस्टेट या भूमि से लाभ मिलता है। जातक घर में बार-बार बदलाव चाहता है।
5वाँ भाव (पुत्र) धनु लग्न बुद्धि बहुत तीक्ष्ण (Sharp Mind) होती है। संतान बहुत सक्रिय होती है। खेलों के प्रति विशेष रुचि रहती है। सट्टे या जोखिम भरे कार्यों में साहस दिखाते हैं।
6ठा भाव (शत्रु) वृश्चिक लग्न शत्रुओं का डटकर सामना करते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलती है। ज्वर, सिरदर्द या रक्त संबंधी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। कर्ज लेने में साहस दिखाते हैं।
7वाँ भाव (कलत्र) तुला लग्न जीवनसाथी डोमिनेटिंग (Dominating) स्वभाव का हो सकता है। वैवाहिक जीवन में वाद-विवाद संभव है। साथी बहुत सक्रिय और स्वतंत्र विचारों वाला होता है।
8वाँ भाव (आयु) कन्या लग्न आकस्मिक दुर्घटनाओं (विशेषकर अग्नि या शस्त्र से) की संभावना रहती है। गुप्त शत्रु हो सकते हैं। जीवन में अचानक बड़े बदलाव आते हैं।
9वाँ भाव (भाग्य) सिंह लग्न पिता का स्वभाव कठोर या क्रोधी हो सकता है। धर्म के मामले में जातक के अपने स्वतंत्र विचार होते हैं। भाग्य स्वयं के पुरुषार्थ से चमकता है।
10वाँ भाव (राज्य) कर्क लग्न करियर में बहुत ऊँची महत्वाकांक्षा (Ambition) रहती है। पुलिस, सेना, इंजीनियरिंग या प्रशासनिक पदों के लिए अनुकूल। कार्यस्थल पर अधिकारियों से अनबन हो सकती है।
11वाँ भाव (लाभ) मिथुन लग्न मित्र शक्तिशाली और प्रभावशाली होते हैं। महत्वाकांक्षाएं जल्दी पूरी होती हैं। नेटवर्किंग में जातक बहुत सक्रिय रहता है। भाइयों से लाभ की संभावना।
12वाँ भाव (व्यय) वृषभ लग्न नींद की समस्या हो सकती है (Active Mind के कारण)। खर्चे अचानक और आवेश में आकर करते हैं। विदेश यात्रा के लिए निरंतर प्रयास करते हैं।

महत्वपूर्ण नोट

उपरोक्त परिणाम केवल राशि की स्थिति के आधार पर बताए गए हैं। उस राशि में बैठे ग्रह (Planets in Aries), उस पर पड़ने वाली दृष्टि (Aspects) और मंगल की स्थिति (Position of Mars) के अनुसार परिणामों में बदलाव निश्चित है। उदाहरण के लिए, यदि मेष में शनि हो तो आवेश कम होगा, और यदि गुरु हो तो विवेक बढ़ेगा।




नोट: इस वेबसाइट पर त्योहारों और ग्रहण की तिथियों की गणना स्विस एफेमेरिस (Swiss Ephemeris) और दृक सिद्धांत के आधार पर की गई है। यहां दर्शाए गए समय आपके चुने गए शहर के अक्षांश और देशांतर के अनुसार समायोजित किए गए हैं, जिसमें सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त की गणना टोपोसेंट्रिक (topocentric) निर्देशांकों का उपयोग करके की गई है। क्षेत्रीय परंपराओं या स्थानीय पंचांग की भिन्नताओं के कारण इसमें मामूली अंतर आ सकता है। किसी भी संदेह की स्थिति में, कृपया अपने स्थानीय पंचांग या पारिवारिक पुरोहित (पंडित जी) से पुष्टि अवश्य कर लें।