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ज्योतिष पाठ - वृषभ राशि द्वादश भाव फल (Taurus in 12 Houses)


वृषभ राशि एक पृथ्वी तत्व (Earth) और स्थिर (Fixed) राशि है, जिसके स्वामी शुक्र (Venus) हैं। अतः वृषभ राशि जिस भाव में स्थित होती है, उस भाव से संबंधित विषयों में स्थिरता, आर्थिक सुरक्षा, सौंदर्य और थोड़ा हठ (Stubbornness) देखने को मिलता है। ये लोग बदलावों को बहुत जल्दी स्वीकार नहीं करते।

नीचे दी गई तालिका में वृषभ राशि के 1 से 12 भावों में होने पर (अर्थात् विभिन्न लग्नों के लिए) मिलने वाले सामान्य परिणामों को देखें:

भाव (House) लग्न (Ascendant) वृषभ राशि का प्रभाव (Results of Taurus)
1ला भाव (लग्न) वृषभ लग्न जातक बहुत धैर्यवान और सहनशील होता है। आकर्षक व्यक्तित्व और सुंदर रूप। स्वभाव में थोड़ी जिद रहती है। परिवार से गहरा लगाव और जीवन में स्थिरता पसंद करते हैं।
2रा भाव (धन) मेष लग्न धन संचय करने में निपुण होते हैं। परिवार के लिए कमाना इनका मुख्य लक्ष्य होता है। वाणी मधुर लेकिन निर्णयों में अटल। भोजन प्रेमी और बैंकिंग कार्यों से लाभ मिलता है।
3रा भाव (भ्रातृ) मीन लग्न संवाद शैली बहुत सुखद और प्रभावशाली होती है (शुक्र का प्रभाव)। बहनों के साथ अच्छे संबंध रहते हैं। छोटी यात्राएं आरामदायक होती हैं और कला के प्रति रुचि रहती है।
4था भाव (मातृ) कुंभ लग्न जातक चाहता है कि उसका घर बहुत सुंदर और विलासितापूर्ण हो। वाहनों में विशेष रुचि। माता के विचार बहुत स्थिर होते हैं और घर में शांति की तलाश रहती है।
5वाँ भाव (पुत्र) मकर लग्न सृजनात्मकता (Creativity) होती है लेकिन व्यावहारिक सोच के साथ। बच्चों की परवरिश में थोड़े सख्त या नियमबद्ध हो सकते हैं। सिनेमा, संगीत और कला से आनंद मिलता है।
6ठा भाव (शत्रु) धनु लग्न गला (Throat), थायराइड या टॉन्सिल संबंधी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। शत्रुओं के साथ भी कूटनीति से व्यवहार करते हैं, पर ज़रूरत पड़ने पर हठ दिखाते हैं। स्त्रियों से विवाद संभव है।
7वाँ भाव (कलत्र) वृश्चिक लग्न जीवनसाथी बहुत सुंदर, आकर्षक और धनी परिवार से हो सकता है। दांपत्य जीवन में स्थिरता और वफादारी (Loyalty) रहती है, हालांकि साथी थोड़ा जिद्दी हो सकता है।
8वाँ भाव (आयु) तुला लग्न ससुराल पक्ष से धन या संपत्ति का लाभ मिल सकता है। गले या गर्दन से संबंधित पुरानी बीमारी की संभावना। आर्थिक उतार-चढ़ाव मन में असुरक्षा पैदा करते हैं।
9वाँ भाव (भाग्य) कन्या लग्न पिता संपन्न या कला प्रेमी हो सकते हैं। तीर्थ यात्राएं सुखद रहती हैं। धार्मिक परंपराओं में गहरी आस्था और उच्च शिक्षा व्यावहारिक विषयों पर केंद्रित होती है।
10वाँ भाव (राज्य) सिंह लग्न करियर में स्थिरता रहती है। बैंकिंग, फाइनेंस, फैशन, आर्ट्स या खाद्य व्यवसाय (Food Business) में सफल होते हैं। कार्यस्थल पर सुंदर और व्यवस्थित माहौल पसंद करते हैं।
11वाँ भाव (लाभ) कर्क लग्न मित्र भरोसेमंद और सहायक होते हैं (विशेषकर महिला मित्र)। आर्थिक लाभ निरंतर बना रहता है। जातक की इच्छाएं अक्सर सुख-सुविधाओं और विलासिता से जुड़ी होती हैं।
12वाँ भाव (व्यय) मिथुन लग्न धन का खर्च विलासिता और सुख-भोग के साधनों पर होता है। बेडरूम सुख (Bed comforts) अच्छा रहता है। विदेश में बसने की इच्छा या विदेशी वस्तुओं का शौक रहता है।

महत्वपूर्ण नोट

उपरोक्त परिणाम वृषभ राशि की सामान्य स्थिति पर आधारित हैं। यदि वृषभ राशि में कोई ग्रह स्थित हो (जैसे राहु), या लग्नेश की स्थिति भिन्न हो, तो सटीक परिणामों में अंतर आ सकता है।




नोट: इस वेबसाइट पर त्योहारों और ग्रहण की तिथियों की गणना स्विस एफेमेरिस (Swiss Ephemeris) और दृक सिद्धांत के आधार पर की गई है। यहां दर्शाए गए समय आपके चुने गए शहर के अक्षांश और देशांतर के अनुसार समायोजित किए गए हैं, जिसमें सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त की गणना टोपोसेंट्रिक (topocentric) निर्देशांकों का उपयोग करके की गई है। क्षेत्रीय परंपराओं या स्थानीय पंचांग की भिन्नताओं के कारण इसमें मामूली अंतर आ सकता है। किसी भी संदेह की स्थिति में, कृपया अपने स्थानीय पंचांग या पारिवारिक पुरोहित (पंडित जी) से पुष्टि अवश्य कर लें।