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આજનું ગુજરાતી પંચાંગ: તિથિ, નક્ષત્ર, રાહુકાળ

આજનું સ્થાનિક પંચાંગ

પસંદ કરેલા શહેર અને સમયક્ષેત્ર મુજબ પંચાંગના પાંચ અંગો, સૂર્યોદય–સૂર્યાસ્ત, રાહુકાળ અને અન્ય દૈનિક સમય જુઓ.

પંચાંગ પરંપરાગત સમય-સંદર્ભ છે. એક જ તિથિ, નક્ષત્ર અથવા સમયને અંતિમ શુભ–અશુભ નિર્ણય ન માનો.

તારીખ અને સ્થળ પસંદ કરો

એકસરખા નામવાળા શહેરો હોય તો રાજ્ય અથવા દેશ, અક્ષાંશ–રેખાંશ અને સમયક્ષેત્રની ખાતરી કરો.

વિગતવાર પંચાંગ

आज के अनुकूल समय देखने के लिए क्लिक करें

Columbus · 17 सितंबर 2026 · America/New_York

समय कार्य शुरू करने के लिए हैं। कम से कम 15 मिनट की अवधि ही दिखाई गई है।

17 सितंबर, 08:51 – 17 सितंबर, 10:22

यह समय निम्न कार्यों के लिए अनुकूल है:

  • निर्माण के लिए भूमि खरीदना
  • व्यापार के लिए माल खरीदना
  • व्यापार शुरू करना
  • सामान्य यात्राएँ
  • बैठकें
  • बिक्री
पंचांग विवरण
तिथि
शुक्ल-सप्तमी
नक्षत्र
अनुराधा
वार
गुरुवार
योग
प्रीति
करण
गरिज

दैनिक कार्यों के लिए सामान्य पंचांग मार्गदर्शन। विवाह, उपनयन, नींव रखने और विधिवत गृहप्रवेश के लिए अलग मुहूर्त चुनना चाहिए।

પંચાંગ વિગતો
📅 17/9/2026 📍 Columbus
સ્વસ્તિ શ્રી પરાભવ સંવત્સર, દક્ષિણાયણ, વર્ષા ઋતુ, ભાદ્રપદ માસ
(પૂર્ણિમાંત: પરાભવ સંવત્સર, વર્ષા ઋતુ, ભાદ્રપદ માસ)
🌅 સૂર્યોદય સવારે 7:19 🌇 સૂર્યાસ્ત રાત્રે 7:32
સંકલ્પ તિથિ
शुक्ल-सप्तमी
શ્રાદ્ધ તિથિ
અમાન્ત: ભાદ્રપદ શુક્લ-સપ્તમી
પૂર્ણિમાંત: ભાદ્રપદ શુક્લ-સપ્તમી
તિથિ शुक्ल-सप्तमी (18) तड़के 3:31 तक फिर शुक्ल-अष्टमी
અઠવાડિયાનો દિવસ ગુરુવાર (બૃહસ્પતિવાસરઃ)
નક્ષત્ર अनुराधा आज (17) सुबह 10:23 तक, फिर ज्येष्ठा
યોગ प्रीति (18) सुबह 4:04 तक, फिर आयुष्मान
કરણ तैतिल आज (17) रात 1:18 तक, फिर गरिज आज (17) दोपहर 2:22 तक
રાશિ वृश्चिक राशि 16/09/2026, रात 1:19 से  18/09/2026, दोपहर 1:14 तक
🚫 અશુભ સમય
રાહુકાળ:
दोपहर 2:57 से शाम 4:29 तक
દુર્મુહૂર્ત:
सुबह 11:23 से दोपहर 12:12 और शाम 4:17 से शाम 5:06 तक
વર્જ્ય:
आज (17) शाम 4:39 से आज (17) शाम 6:27 तक
✅ શુભ સમય
અમૃત ઘડી:
(18) तड़के 3:24 से (18) सुबह 5:11 तक
અભિજિત:
दोपहर 1:01-दोपहर 1:50
બ્રહ્મ મુહૂર્ત:
सुबह 5:45-सुबह 6:33
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પંચાંગ વિગતો 1
યોગ
प्रीति (18) सुबह 4:04 तक, फिर आयुष्मान
કરણ
तैतिल आज (17) रात 1:18 तक, फिर गरिज आज (17) दोपहर 2:22 तक
નક્ષત્ર પાદ
अनुराधा-3 आज (17) तड़के 3:43 तक
अनुराधा-4 आज (17) सुबह 10:23 तक
ज्येष्ठा-1 आज (17) शाम 5:05 तक
ज्येष्ठा-2 आज (17) रात 11:47 तक
સૂર્ય રાશિ
कन्या राशि 16/09/2026, रात 10:22 से  17/10/2026, सुबह 10:21 तक
અશુભ સમય
ગુલિકા કાળ
सुबह 10:22 से सुबह 11:54 तक
યમગંડ કાળ
सुबह 7:19 से सुबह 8:50 तक
સૂર્યચંદ્ર ઉદય અસ્ત
સૂર્ય
सूर्योदय: सुबह 7:19
सूर्यास्त: रात 7:32
ચંદ્ર
चंद्रोदय: 01:50 PM
चंद्रास्त: 11:26 PM
દિવસની અવધિ : 12:13
અભિજિત : दोपहर 1:26
રાત્રી પ્રમાણ : 11:47
प्रदोष समय (6 घटी) : रात 7:32 से रात 9:56 तक
પૂજા, હોમ અને અભિષેક
અગ્નિવાસ : स्वर्ग (अशुभ) आज (17) रात 1:18 तक
હોમાહુતિ : बुध
શિવ વાસ : भोजन (अशुभ)
મુસાફરી માટે...
દિશા શૂલ : દક્ષિણ
ગુરુવારે દક્ષિણ તરફ મુસાફરી ન કરો. જો કરવું જ પડે, તો દહીં અથવા જીરું મોઢામાં મૂકીને મુસાફરી શરુ કરો.
નોંધ: જે દિશામાં દિશા શૂલ હોય તે દિશામાં મુસાફરી ન કરવી. આ માત્ર લાંબી મુસાફરીઓ અથવા લાંબા સમયના પ્રવાસ માટે લાગુ થાય છે, દરરોજની મુસાફરી માટે નહીં.
ત્રિસંધ્યા સમય - નિત્ય સંકલ્પ

त्रिसंध्या समय - नित्य संकल्प

त्रिसंध्या समय - नित्य संकल्प
प्रातः संध्या कालसुबह 6:33 से सुबह 7:20
मध्यान्ह संध्या कालदोपहर 12:55 से दोपहर 1:56
सायं संध्या कालशाम 6:43 से रात 7:32

આજનો સંકલ્પ

મમ ઉપાત્ત, સમસ્ત દુરિત ક્ષય દ્વારા શ્રી પરમેશ્વરમુદ્દિશ્ય, શ્રી પરમેશ્વર પ્રીત્યર્થં, શુભે શોભને મુહૂર્તે - શ્રી મહાવિષ્ણોરાજ્ઞ યા પ્રવર્તમાનસ્યાદ્યબ્રહ્મણઃ દ્વિતીય પરાર્ધે, શ્વેતવરાહકલ્પે, વૈવસ્વતમન્વન્તરે કલિયુગે પ્રથમપાદે, ક્રૌંચ દ્વીપે, રમણક વર્ષે, ઐન્દ્ર ખણ્ડે, મેરોઃ પશ્ચિમ દિગ્ભાગે, ઉત્તર અમેરિકાયાં, અટલાન્ટિક પેસિફિક સાગરયોર્મધ્ય પ્રદેશે, રાખી મેકિન્લી પર્વતયોર્મધ્યે, મિસિસિપી મિસૌરી ઇત્યાદિ ષોડશ જીવ નદી પ્રવાહ પ્રાન્તે, Telangana રાષ્ટ્રે, Columbus નગર સ્થાને સ્વસ્થાને, શોભનગૃહે (સ્વગૃહે / વસતિ ગૃહે), સમસ્ત દેવતા બ્રાહ્મણ હરિહર સન્નિધૌ, અસ્મિ ન્વર્તમાન વ્યાવહારિક, ચાન્દ્રમાનેન - પ્રભવાદિ ષષ્ટિ સંવત્સરાણાં મધ્યે - પરાભવ નામ સંવત્સર - દક્ષિણાયને - વર્ષા ઋતૌ - ભાદ્રપદ માસે - શુક્લ પક્ષે - સપ્તમી તિથૌ - ગુરુ વાસરે - અનુરાધા શુભ નક્ષત્રે, પ્રીતિ શુભ યોગે, ગરિજ શુભ કરણે.

એવં ગુણ વિશેષેણ વિશિષ્ટાયામ્ અસ્યામ્ શુભ તિથૌ શ્રીમાન્ ----- ગોત્રસ્ય ----- નામધેયસ્ય, (મમ સહકુટુમ્બસ્ય અસ્માકં, સર્વેષાં, સહકુટુમ્બાનાં, ક્ષેમ, સ્થૈર્ય, વિજય, અભય આયુર્ આરોગ્ય, ઐશ્વર્યાદિ અભિવૃદ્ધ્યર્થં, મમ ગૃહે મહા લક્ષ્મી નિત્ય નિવાસ સિદ્ધ્યર્થં, મમ ઇષ્ટકામ્ય ફલ સિદ્ધ્યર્થં, મમ વ્યાપાર, વ્યવહાર, ઉદ્યોગાદીનાં દિનદિનાભિવૃદ્ધિ સિદ્ધ્યર્થં સમસ્ત મંગલા વ્યાપ્તં, શરીરે વર્તમાનકાલ વર્તિષ્યમાન સકલ રોગ પરિહાર દ્વાર ક્ષિપ્ર આરોગ્ય સૌખ્ય સિદ્ધ્યર્થં) - પ્રાતઃ/મધ્યાહ્નિક/સાયં સંધ્યાં, ગાયત્રી જપં, અહં કરિષ્યે (અથવા તમે જે પૂજા/વ્રત કરતા હોવ તેનું નામ લો).
નોંધ: વિવાહિત વ્યક્તિઓ 'મમ સહકુટુમ્બસ્ય' પહેલાં 'ધર્મપત્ની સમેતસ્ય' ઉમેરી શકે છે. ખાલી જગ્યામાં તમારું ગોત્ર અને નામ બોલો.
દિવસ અને રાતના વિભાગો

दिन-रात विभाजन

दिन विभाजन
अरुणोदय कालसुबह 5:43 से सुबह 7:19
प्रातः कालसुबह 7:19 से सुबह 9:46
संगव कालसुबह 9:46 से दोपहर 12:12
मध्याह्न कालदोपहर 12:12 से दोपहर 2:39
अपराह्न कालदोपहर 2:39 से शाम 5:06
सायं कालशाम 5:06 से रात 7:32
प्रदोष समय (6 घटी)
प्रदोष समय (6 घटी)रात 7:32 से रात 9:56 तक
रात्रि विभाजन
प्रदोष कालरात 7:32 से रात 9:54
निशीथ कालरात 1:02 से रात 1:50
अर्धरात्रिरात 1:26
उषः कालसुबह 4:58 से सुबह 7:20
દિવસ-રાત્રિ વિભાજન (પ્રહર)
दिन विभाजन
पूर्वाह्नसुबह 7:19 से सुबह 10:22 तक
मध्याह्न सुबह 10:22 से दोपहर 1:26 तक
अपराह्न दोपहर 1:26 से शाम 4:29 तक
सायाह्न शाम 4:29 से रात 7:32 तक
रात्रि विभाजन (प्रहर)
रात्रि का प्रथम प्रहररात 7:32 से रात 10:29 तक
निशीथरात 10:29 से रात 1:26 तक
त्रियामारात 1:26 से सुबह 4:23 तक
उषः कालसुबह 4:23 से सुबह 7:20 तक
શુભ સમય

शुभ समय

शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्तसुबह 5:45 से सुबह 6:33
विजय मुहूर्तदोपहर 3:28 से शाम 4:17
अभिजीत मुहूर्तदोपहर 1:01 से दोपहर 1:50
गोधूलि मुहूर्तरात 7:13 से रात 7:25
आज के दुर्योग
Visha Yogaसुबह 5:57 तक
पारंपरिक ज्योतिष के अनुसार, इन योगों में विवाह या गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य आरंभ करने पर योग के नाम के अनुरूप अशुभ फल हो सकते हैं।
ગૌરી પંચાંગ / ચોઘડિયા
ગૌરી પંચાંગ / ચૌઘડિયા
દિવસ
नामसमय (प्रारंभ - अंत)
शुभ-गुरु (अच्छा)सुबह 7:19 - सुबह 8:50
रोग-मंगल (खराब)सुबह 8:50 - सुबह 10:22
उद्वेग-सूर्य (खराब)सुबह 10:22 - सुबह 11:54
चर-शुक्र (तटस्थ)सुबह 11:54 - दोपहर 1:26
लाभ-बुध (अच्छा)दोपहर 1:26 - दोपहर 2:57
अमृत-चंद्र (अच्छा)दोपहर 2:57 - शाम 4:29
काल-शनि (खराब)शाम 4:29 - शाम 6:01
शुभ-गुरु (अच्छा)शाम 6:01 - रात 7:32
રાત
नामसमय (प्रारंभ - अंत)
अमृत-चंद्र (अच्छा)रात 7:32 - रात 9:01
चर-शुक्र (तटस्थ)रात 9:01 - रात 10:29
रोग-मंगल (खराब)रात 10:29 - रात 11:58
काल-शनि (खराब)रात 11:58 - रात 1:26
लाभ-बुध (अच्छा)रात 1:26 - तड़के 2:54
उद्वेग-सूर्य (खराब)तड़के 2:54 - सुबह 4:23
शुभ-गुरु (अच्छा)सुबह 4:23 - सुबह 5:51
अमृत-चंद्र (अच्छा)सुबह 5:51 - सुबह 7:20
આ ચૌઘડિયા તિથિ, દિવસ કે નક્ષત્રનો ખ્યાલ કર્યા વિના કોઈપણ કાર્ય શરૂ કરવા, નોકરીમાં જોડાવા વગેરે માટે અનુકૂળ છે. શુભ ચૌઘડિયામાં કરેલ કાર્ય અનુકૂળ રહે છે. દવા લેવા માટે અમૃત ઘડિયા, મુસાફરી માટે ચર ઘડિયા, અને વ્યવસાય શરૂ કરવા અથવા મહત્વપૂર્ણ કાર્ય માટે લાભ ઘડિયા સારા છે.
દિવસ/રાતના મુહૂર્તો
દિન મુહૂર્ત
દિવસ
अधिपतिसमय (प्रारंभ - अंत)
रुद्रसुबह 7:19 - सुबह 8:08
अहिसुबह 8:08 - सुबह 8:57
मित्रसुबह 8:57 - सुबह 9:46
पितृसुबह 9:46 - सुबह 10:34
वसुसुबह 10:34 - सुबह 11:23
अम्बुसुबह 11:23 - दोपहर 12:12
विश्वदेवदोपहर 12:12 - दोपहर 1:01
अभिजितदोपहर 1:01 - दोपहर 1:50
विधातादोपहर 1:50 - दोपहर 2:39
पुरुहूतदोपहर 2:39 - दोपहर 3:28
इन्द्राग्निदोपहर 3:28 - शाम 4:17
निरृतिशाम 4:17 - शाम 5:06
वरुणशाम 5:06 - शाम 5:55
आर्यमनशाम 5:55 - शाम 6:43
भगशाम 6:43 - रात 7:32
રાત
अधिपतिसमय (प्रारंभ - अंत)
गिरीशरात 7:32 - रात 8:20
आजपदरात 8:20 - रात 9:07
आहिर्बुध्न्यरात 9:07 - रात 9:54
पूषनरात 9:54 - रात 10:41
अश्विरात 10:41 - रात 11:28
यमरात 11:28 - रात 12:15
अग्निरात 12:15 - रात 1:02
विधात्रीरात 1:02 - रात 1:50
छन्दरात 1:50 - तड़के 2:37
आदितितड़के 2:37 - तड़के 3:24
जीवतड़के 3:24 - सुबह 4:11
विष्णुसुबह 4:11 - सुबह 4:58
अर्कसुबह 4:58 - सुबह 5:45
ब्रह्मासुबह 5:45 - सुबह 6:33
मारुतसुबह 6:33 - सुबह 7:20
હોરા સમય
હોરા સમય
अधिपतिसमय (प्रारंभ - अंत)
गुरुसुबह 7:19 - सुबह 8:20
मंगलसुबह 8:20 - सुबह 9:21
सूर्यसुबह 9:21 - सुबह 10:22
शुक्रसुबह 10:22 - सुबह 11:23
बुधसुबह 11:23 - दोपहर 12:24
चंद्रदोपहर 12:24 - दोपहर 1:26
शनिदोपहर 1:26 - दोपहर 2:27
गुरुदोपहर 2:27 - दोपहर 3:28
मंगलदोपहर 3:28 - शाम 4:29
सूर्यशाम 4:29 - शाम 5:30
शुक्रशाम 5:30 - शाम 6:31
बुधशाम 6:31 - रात 7:32
चंद्ररात 7:32 - रात 8:31
शनिरात 8:31 - रात 9:30
गुरुरात 9:30 - रात 10:29
मंगलरात 10:29 - रात 11:28
सूर्यरात 11:28 - रात 12:27
शुक्ररात 12:27 - रात 1:26
बुधरात 1:26 - तड़के 2:25
चंद्रतड़के 2:25 - तड़के 3:24
शनितड़के 3:24 - सुबह 4:23
गुरुसुबह 4:23 - सुबह 5:22
मंगलसुबह 5:22 - सुबह 6:21
सूर्यसुबह 6:21 - सुबह 7:20
તારાબળ / ચંદ્રબળ
તારાબળ/ ચંદ્રાબળ

ताराबल आज (17) सुबह 10:23 तक

आपका नक्षत्र: पुष्य, अनुराधा, उत्तराभाद्रपद
ताराबल: जन्मतारा
फल, उपाय: यह बहुत अच्छा नहीं है। सूर्य इसका अधिपति है। यह मन पर प्रभाव डालता है जिससे समस्याएं उत्पन्न होती हैं। तीसरा पाद अधिक हानिकारक लक्षण रखता है। जन्मतारा वाले दिन किसी काम या शुभ कार्य की शुरुआत से पहले पत्तेदार सब्जियों का दान करना चाहिए।
आपका नक्षत्र: आश्लेषा, ज्येष्ठा, रेवती
ताराबल: परम मित्र तारा
फल: यह अच्छा है, लेकिन थोड़े प्रयास से आपका काम पूरा हो जाएगा। अंत में आर्थिक लाभ होगा।
आपका नक्षत्र: अश्विनी, मघा, मूल
ताराबल: मित्र तारा
फल: शुभ। यह सुख-सुविधा और खुशी प्रदान करता है। सृजनात्मकता को बढ़ाता है और अप्रत्याशित सकारात्मक परिणाम लाता है।
आपका नक्षत्र: भरणी, पूर्व फाल्गुनी, पूर्वाषाढ़ा
ताराबल: नैधन तारा
फल, उपाय: यह शुभ नहीं है, इसे पूरी तरह से टाल देना चाहिए। किसी भी मांगलिक कार्य के लिए यह अनुकूल नहीं है। यह आर्थिक हानि और विवादों का भय उत्पन्न करता है। अनावश्यक खर्च और कठिनाइयाँ आ सकती हैं। यदि नैधन तारा के दिन कोई कार्य करना अनिवार्य हो, तो उसे शुरू करने से पहले तिल के साथ स्वर्ण दान करें।
आपका नक्षत्र: कृत्तिका, उत्तर फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा
ताराबल: साधना तारा
फल: शुभ। आप सभी प्रकार के कार्य कर सकते हैं। यह कार्य सिद्धि प्रदान करता है।
आपका नक्षत्र: रोहिणी, हस्त, श्रवण
ताराबल: प्रत्यक् तारा
फल, उपाय: यह शुभ नहीं है। चौथा चरण (पाद) पूरी तरह से प्रतिकूल है। यह दुर्घटनाओं और व्यावसायिक सौदों में हानि का संकेत देता है। यदि प्रत्यक् तारा के दिन कोई कार्य करना अनिवार्य हो, तो उसे शुरू करने से पहले नमक का दान करें।
आपका नक्षत्र: मृगशिरा, चित्रा, धनिष्ठा
ताराबल: क्षेम तारा
फल: यह अत्यंत शुभ तारा है। यात्राओं और चिकित्सा उपचार शुरू करने के लिए यह बहुत अच्छा है। यह सुख-शांति और कल्याण प्रदान करता है।
आपका नक्षत्र: आर्द్రా, स्वाति, शतभिषा
ताराबल: विपत् तारा
फल, उपाय: यह शुभ नहीं है। राहु इसका अधिपति है। यह विवाद और असहमति पैदा करता है। शुरू किए गए कार्यों में बाधाएं आ सकती हैं। यदि विपत् तारा के दिन कोई कार्य करना अनिवार्य हो, तो उसे शुरू करने से पहले गुड़ का दान करें।
आपका नक्षत्र: पुनर्वसु, विशाखा, पूर्वभाद्रपद
ताराबल: सम्पत् तारा
फल: यह अत्यंत शुभ तारा है। आर्थिक मामलों और व्यावसायिक लेन-देन के लिए यह बहुत अच्छा है। बुध इसका अधिपति है। कार्यों में सफलता और अनुकूलता प्राप्त होती है।

ताराबल आज (17) सुबह 10:23 से (18) दोपहर 1:14 तक

आपका नक्षत्र: आश्लेषा, ज्येष्ठा, रेवती
ताराबल: जन्मतारा
फल, उपाय: यह बहुत अच्छा नहीं है। सूर्य इसका अधिपति है। यह मन पर प्रभाव डालता है जिससे समस्याएं उत्पन्न होती हैं। तीसरा पाद अधिक हानिकारक लक्षण रखता है। जन्मतारा वाले दिन किसी काम या शुभ कार्य की शुरुआत से पहले पत्तेदार सब्जियों का दान करना चाहिए।
आपका नक्षत्र: अश्विनी, मघा, मूल
ताराबल: परम मित्र तारा
फल: यह अच्छा है, लेकिन थोड़े प्रयास से आपका काम पूरा हो जाएगा। अंत में आर्थिक लाभ होगा।
आपका नक्षत्र: भरणी, पूर्व फाल्गुनी, पूर्वाषाढ़ा
ताराबल: मित्र तारा
फल: शुभ। यह सुख-सुविधा और खुशी प्रदान करता है। सृजनात्मकता को बढ़ाता है और अप्रत्याशित सकारात्मक परिणाम लाता है।
आपका नक्षत्र: कृत्तिका, उत्तर फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा
ताराबल: नैधन तारा
फल, उपाय: यह शुभ नहीं है, इसे पूरी तरह से टाल देना चाहिए। किसी भी मांगलिक कार्य के लिए यह अनुकूल नहीं है। यह आर्थिक हानि और विवादों का भय उत्पन्न करता है। अनावश्यक खर्च और कठिनाइयाँ आ सकती हैं। यदि नैधन तारा के दिन कोई कार्य करना अनिवार्य हो, तो उसे शुरू करने से पहले तिल के साथ स्वर्ण दान करें।
आपका नक्षत्र: रोहिणी, हस्त, श्रवण
ताराबल: साधना तारा
फल: शुभ। आप सभी प्रकार के कार्य कर सकते हैं। यह कार्य सिद्धि प्रदान करता है।
आपका नक्षत्र: मृगशिरा, चित्रा, धनिष्ठा
ताराबल: प्रत्यक् तारा
फल, उपाय: यह शुभ नहीं है। चौथा चरण (पाद) पूरी तरह से प्रतिकूल है। यह दुर्घटनाओं और व्यावसायिक सौदों में हानि का संकेत देता है। यदि प्रत्यक् तारा के दिन कोई कार्य करना अनिवार्य हो, तो उसे शुरू करने से पहले नमक का दान करें।
आपका नक्षत्र: आर्द్రా, स्वाति, शतभिषा
ताराबल: क्षेम तारा
फल: यह अत्यंत शुभ तारा है। यात्राओं और चिकित्सा उपचार शुरू करने के लिए यह बहुत अच्छा है। यह सुख-शांति और कल्याण प्रदान करता है।
आपका नक्षत्र: पुनर्वसु, विशाखा, पूर्वभाद्रपद
ताराबल: विपत् तारा
फल, उपाय: यह शुभ नहीं है। राहु इसका अधिपति है। यह विवाद और असहमति पैदा करता है। शुरू किए गए कार्यों में बाधाएं आ सकती हैं। यदि विपत् तारा के दिन कोई कार्य करना अनिवार्य हो, तो उसे शुरू करने से पहले गुड़ का दान करें।
आपका नक्षत्र: पुष्य, अनुराधा, उत्तराभाद्रपद
ताराबल: सम्पत् तारा
फल: यह अत्यंत शुभ तारा है। आर्थिक मामलों और व्यावसायिक लेन-देन के लिए यह बहुत अच्छा है। बुध इसका अधिपति है। कार्यों में सफलता और अनुकूलता प्राप्त होती है।

चंद्रबल
से 16/09/2026, रात 1:19 से  18/09/2026, दोपहर 1:14 तक
वृषभ, मिथुन, कर्क, कन्या, तुला, वृश्चिक, मकर, कुंभ और मीन राशि के जातकों के पास चंद्रबल है।
मेष राशि वालों के लिए अष्टम (8वां) चंद्र।
सिंह राशि वालों के लिए अर्धाष्टम (4था) चंद्र।
धनु राशि वालों के लिए द्वादश (12वां) चंद्र।
जब चंद्रमा 4वें, 8वें और 12वें घर में गोचर करता है, तो शुभ कार्य करना या लंबी यात्राओं पर जाना उचित नहीं होता।


घातवार

आज तुला और कुंभ राशि वालों के लिए घातवार है।
घात दिनों में नई वस्तुओं का उपयोग, नए वस्त्र पहनना, लंबी दूरी की यात्रा, गृह-प्रवेश, अधिकारियों से मिलना और अन्य महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।
લગ્ન કોષ્ટક

લગ્ન ટેબલ

લગ્નઅંત સમય
મિથુન(17), 02:15 AM
કર્ક(17), 04:46 AM
સિંહ(17), 07:17 AM
કન્યા(17), 09:47 AM
તુલા(17), 12:19 PM
વૃશ્ચિક(17), 02:44 PM
ધનુ(17), 04:45 PM
મકર(17), 06:16 PM
કુંભ(17), 07:30 PM
મીન(17), 08:42 PM
મેષ(17), 10:04 PM
વૃષભ(17), 11:53 PM
લગ્ન શુભાંશ, પુષ્કરાંશ

લગ્ન શુભાંશ, પુષ્કરાંશ

રાશિ/વિભાગઅંશઅંત સમય
મિથુન/તુલાશુભ(17), 12:11 AM
મિથુન/વૃશ્ચિકઅશુભ(17), 12:26 AM
મિથુન/ધનુશુભ(17), 12:40 AM
મિથુન/મકરઅશુભ(17), 12:56 AM
મિથુન/કુંભઅશુભ(17), 01:11 AM
મિથુન/મીનપુષ્કર(17), 01:27 AM
મિથુન/મેષઅશુભ(17), 01:43 AM
મિથુન/વૃષભપુષ્કર(17), 01:59 AM
મિથુન/મિથુનવર્ગોત્તમ(17), 02:15 AM
કર્ક/કર્કપુષ્કર(17), 02:32 AM
કર્ક/સિંહઅશુભ(17), 02:48 AM
કર્ક/કન્યાપુષ્કર(17), 03:05 AM
કર્ક/તુલાશુભ(17), 03:22 AM
કર્ક/વૃશ્ચિકઅશુભ(17), 03:39 AM
કર્ક/ધનુશુભ(17), 03:56 AM
કર્ક/મકરઅશુભ(17), 04:12 AM
કર્ક/કુંભઅશુભ(17), 04:29 AM
કર્ક/મીનશુભ(17), 04:46 AM
સિંહ/મેષઅશુભ(17), 05:03 AM
સિંહ/વૃષભશુભ(17), 05:20 AM
સિંહ/મિથુનશુભ(17), 05:37 AM
સિંહ/કર્કશુભ(17), 05:54 AM
સિંહ/સિંહવર્ગોત્તમ(17), 06:10 AM
સિંહ/કન્યાશુભ(17), 06:27 AM
સિંહ/તુલાપુષ્કર(17), 06:44 AM
સિંહ/વૃશ્ચિકઅશુભ(17), 07:00 AM
સિંહ/ધનુપુષ્કર(17), 07:17 AM
કન્યા/મકરઅશુભ(17), 07:34 AM
કન્યા/કુંભઅશુભ(17), 07:50 AM
કન્યા/મીનપુષ્કર(17), 08:07 AM
કન્યા/મેષઅશુભ(17), 08:24 AM
કન્યા/વૃષભપુષ્કર(17), 08:40 AM
કન્યા/મિથુનશુભ(17), 08:57 AM
કન્યા/કર્કશુભ(17), 09:14 AM
કન્યા/સિંહઅશુભ(17), 09:30 AM
કન્યા/કન્યાવર્ગોત્તમ(17), 09:47 AM
તુલા/તુલાવર્ગોત્તમ(17), 10:04 AM
તુલા/વૃશ્ચિકઅશુભ(17), 10:21 AM
તુલા/ધનુશુભ(17), 10:38 AM
તુલા/મકરઅશુભ(17), 10:54 AM
તુલા/કુંભઅશુભ(17), 11:11 AM
તુલા/મીનપુષ્કર(17), 11:28 AM
તુલા/મેષઅશુભ(17), 11:45 AM
તુલા/વૃષભપુષ્કર(17), 12:02 PM
તુલા/મિથુનશુભ(17), 12:19 PM
વૃશ્ચિક/કર્કપુષ્કર(17), 12:36 PM
વૃશ્ચિક/સિંહઅશુભ(17), 12:52 PM
વૃશ્ચિક/કન્યાપુષ્કર(17), 01:09 PM
વૃશ્ચિક/તુલાશુભ(17), 01:25 PM
વૃશ્ચિક/વૃશ્ચિકવર્ગોત્તમ(17), 01:42 PM
વૃશ્ચિક/ધનુશુભ(17), 01:58 PM
વૃશ્ચિક/મકરઅશુભ(17), 02:13 PM
વૃશ્ચિક/કુંભઅશુભ(17), 02:29 PM
વૃશ્ચિક/મીનશુભ(17), 02:44 PM
ધનુ/મેષઅશુભ(17), 02:59 PM
ધનુ/વૃષભશુભ(17), 03:14 PM
ધનુ/મિથુનશુભ(17), 03:28 PM
ધનુ/કર્કશુભ(17), 03:42 PM
ધનુ/સિંહઅશુભ(17), 03:55 PM
ધનુ/કન્યાશુભ(17), 04:08 PM
ધનુ/તુલાપુષ્કર(17), 04:21 PM
ધનુ/વૃશ્ચિકઅશુભ(17), 04:33 PM
ધનુ/ધનુપુષ્કર(17), 04:45 PM
મકર/મકરવર્ગોત્તમ(17), 04:56 PM
મકર/કુંભઅશુભ(17), 05:08 PM
મકર/મીનપુષ્કર(17), 05:18 PM
મકર/મેષઅશુભ(17), 05:29 PM
મકર/વૃષભપુષ્કર(17), 05:39 PM
મકર/મિથુનઅશુભ(17), 05:49 PM
મકર/કર્કશુભ(17), 05:58 PM
મકર/સિંહઅશુભ(17), 06:07 PM
મકર/કન્યાશુભ(17), 06:16 PM
કુંભ/તુલાશુભ(17), 06:25 PM
કુંભ/વૃશ્ચિકઅશુભ(17), 06:34 PM
કુંભ/ધનુશુભ(17), 06:42 PM
કુંભ/મકરઅશુભ(17), 06:51 PM
કુંભ/કુંભવર્ગોત્તમ(17), 06:59 PM
કુંભ/મીનપુષ્કર(17), 07:07 PM
કુંભ/મેષઅશુભ(17), 07:15 PM
કુંભ/વૃષભપુષ્કર(17), 07:23 PM
કુંભ/મિથુનશુભ(17), 07:30 PM
મીન/કર્કપુષ્કર(17), 07:38 PM
મીન/સિંહઅશુભ(17), 07:46 PM
મીન/કન્યાપુષ્કર(17), 07:54 PM
મીન/તુલાશુભ(17), 08:01 PM
મીન/વૃશ્ચિકઅશુભ(17), 08:09 PM
મીન/ધનુશુભ(17), 08:17 PM
મીન/મકરઅશુભ(17), 08:25 PM
મીન/કુંભઅશુભ(17), 08:33 PM
મીન/મીનવર્ગોત્તમ(17), 08:42 PM
મેષ/મેષવર્ગોત્તમ(17), 08:50 PM
મેષ/વૃષભશુભ(17), 08:58 PM
મેષ/મિથુનશુભ(17), 09:07 PM
મેષ/કર્કશુભ(17), 09:16 PM
મેષ/સિંહઅશુભ(17), 09:25 PM
મેષ/કન્યાશુભ(17), 09:35 PM
મેષ/તુલાપુષ્કર(17), 09:44 PM
મેષ/વૃશ્ચિકઅશુભ(17), 09:54 PM
મેષ/ધનુપુષ્કર(17), 10:04 PM
વૃષભ/મકરઅશુભ(17), 10:15 PM
વૃષભ/કુંભઅશુભ(17), 10:26 PM
વૃષભ/મીનપુષ્કર(17), 10:37 PM
વૃષભ/મેષઅશુભ(17), 10:49 PM
વૃષભ/વૃષભપુષ્કર(17), 11:01 PM
વૃષભ/મિથુનશુભ(17), 11:14 PM
વૃષભ/કર્કશુભ(17), 11:26 PM
વૃષભ/સિંહઅશુભ(17), 11:40 PM
વૃષભ/કન્યાશુભ(17), 11:53 PM
સૂર્યોદય સમયે ગ્રહોની સ્થિતિ

સૂર્યોદય સમયે ગ્રહોની સ્થિતિ

ગ્રહવક્રી/અસ્તરાશિઅંશ
લગ્નકન્યા00:21:41
સૂર્ય-કન્યા00:21:48
ચંદ્રવૃશ્ચિક15:07:48
મંગળમિથુન29:23:56
બુધકન્યા16:49:51
ગુરુકર્ક22:49:07
શુક્રતુલા09:56:18
શનિ(વ)મીન18:22:29
રાહુ(વ)કુંભ04:11:56
કેતુ(વ)સિંહ04:11:56
(વ)= వక్రీ ગ્રહ, (અ)= અસ્ત ગ્રહ

લગ્ન કુંડળી (D-1)

લગ્ન કુંડળી (D-1)

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પંચાંગના પાંચ અંગો

તિથિ

ચંદ્ર અને સૂર્યના કોણીય અંતરના દરેક 12° ભાગ પરથી ગણાતો ચાંદ્ર દિવસ.

વાર

અઠવાડિયાનો દિવસ અને તેનો પરંપરાગત ગ્રહાધિપતિ.

નક્ષત્ર

ચંદ્ર જ્યાં સ્થિત હોય તે 27 સમાન તારક વિભાગોમાંથી એક.

યોગ

સૂર્ય અને ચંદ્રની નિરયણ રેખાંશના કુલ પરથી ગણાતા 27 ભાગોમાંથી એક.

કરણ

તિથિનો અડધો ભાગ; ચંદ્ર–સૂર્યના 6° કોણીય અંતરને અનુરૂપ.

સમય કેવી રીતે વાંચવો

અંત સમય જુઓ

તિથિ અને નક્ષત્ર દિવસ દરમિયાન બદલાઈ શકે છે; મધરાત સુધી એ જ રહેશે એવું ન માનો.

સ્થાનિક સૂર્યોદય વાપરો

ઘણા વ્રત અને તહેવારના નિર્ણયમાં સ્થાનિક સૂર્યોદય મહત્વપૂર્ણ સીમા છે.

એક જ અંગથી નિર્ણય ન કરો

પૂર્ણ મુહૂર્તમાં કાર્યનો પ્રકાર, લગ્ન, ગ્રહસ્થિતિ અને જન્મવિગતો પણ જોવામાં આવી શકે છે.

પદ્ધતિ પ્રમાણે તફાવત થઈ શકે

અયનામ્સ, સૂર્યોદયની વ્યાખ્યા, એફેમેરિસ, સ્થાન અને પ્રાદેશિક નિયમોથી તફાવત આવી શકે છે.

તાત્કાલિક સારવાર, સુરક્ષા પગલું, કાનૂની સમયમર્યાદા અથવા જરૂરી મુસાફરીને પંચાંગના સમયને કારણે વિલંબિત ન કરો.

વારંવાર પૂછાતા પ્રશ્નો

आज निर्माण के लिए भूमि खरीदना के लिए अनुकूल समय क्या हैं?

17 सितंबर 2026, Columbus (America/New_York): यह कार्य शुरू करने के लिए सुझाए गए समय: 17 सितंबर, 08:51 – 17 सितंबर, 10:22।

आज व्यापार के लिए माल खरीदना के लिए अनुकूल समय क्या हैं?

17 सितंबर 2026, Columbus (America/New_York): यह कार्य शुरू करने के लिए सुझाए गए समय: 17 सितंबर, 08:51 – 17 सितंबर, 10:22।

आज व्यापार शुरू करना के लिए अनुकूल समय क्या हैं?

17 सितंबर 2026, Columbus (America/New_York): यह कार्य शुरू करने के लिए सुझाए गए समय: 17 सितंबर, 08:51 – 17 सितंबर, 10:22।

आज सामान्य यात्राएँ के लिए अनुकूल समय क्या हैं?

17 सितंबर 2026, Columbus (America/New_York): यह कार्य शुरू करने के लिए सुझाए गए समय: 17 सितंबर, 08:51 – 17 सितंबर, 10:22।

आज बैठकें के लिए अनुकूल समय क्या हैं?

17 सितंबर 2026, Columbus (America/New_York): यह कार्य शुरू करने के लिए सुझाए गए समय: 17 सितंबर, 08:51 – 17 सितंबर, 10:22।

आज बिक्री के लिए अनुकूल समय क्या हैं?

17 सितंबर 2026, Columbus (America/New_York): यह कार्य शुरू करने के लिए सुझाए गए समय: 17 सितंबर, 08:51 – 17 सितंबर, 10:22।

શહેર બદલવાથી પંચાંગના સમય કેમ બદલાય છે?

સૂર્યોદય, સૂર્યાસ્ત, ચંદ્રોદય અને દિવસના ઘણા વિભાગો અક્ષાંશ, રેખાંશ અને સમયક્ષેત્ર પર આધારિત છે.

શું પંચાંગનો દિવસ મધરાતથી શરૂ થાય છે?

નાગરિક તારીખ મધરાતે બદલાય છે, પરંતુ ઘણા વ્રત–તહેવારના નિર્ણયમાં સ્થાનિક સૂર્યોદય મહત્વપૂર્ણ દિવસ-સીમા છે.

તિથિ અથવા નક્ષત્રનો અંત સમય શું છે?

એ સ્થાનિક ઘડિયાળનો સમય છે જ્યારે વર્તમાન તિથિ અથવા નક્ષત્ર સમાપ્ત થઈ આગળનું શરૂ થાય છે.

શું રાહુકાળ સંપૂર્ણ મનાઈ છે?

નવા કાર્યની શરૂઆત વખતે વિચારાતો પરંપરાગત સમય છે. તાત્કાલિક, જરૂરી અથવા ચાલુ કાર્યને વિલંબિત ન કરો.

શું આ પાનું લગ્ન અથવા ગૃહપ્રવેશનું સંપૂર્ણ મુહૂર્ત આપે છે?

ના. આ દૈનિક સમય માહિતી આપે છે. વિશેષ મુહૂર્ત માટે વધારાના નિયમો અને ક્યારેક જન્મવિગતો જરૂરી હોય છે.

બીજા પંચાંગ સાથે થોડા મિનિટનો તફાવત કેમ?

સ્થાન, સમયક્ષેત્ર, સૂર્યોદય વ્યાખ્યા, અયનામ્સ, એફેમેરિસ અને roundingના કારણે તફાવત થઈ શકે છે.

આ પંચાંગ અને સમજાવટ સંબંધી સામગ્રી સંતોષ કુમાર શર્મા ગોલ્લપેલ્લીના માર્ગદર્શન હેઠળ જાળવવામાં આવે છે. ગણતરી પદ્ધતિ અને પૃષ્ઠભૂમિ.

Gollapelli Santhosh Kumar Sharma

લેખક વિશે

આ લેખ અને તેમાં આપેલી જ્યોતિષીય આગાહીઓ Gollapelli Santhosh Kumar Sharma દ્વારા તૈયાર કરવામાં આવી છે. તેઓ વૈદિક જ્યોતિષી છે અને વૈદિક જ્યોતિષ, જન્મકુંડળી વિશ્લેષણ, પંચાંગ ગણના અને વ્યક્તિગત પરામર્શમાં 26+ years નો અનુભવ ધરાવે છે.

આ સામગ્રી પરંપરાગત જ્યોતિષ સિદ્ધાંતો, વ્યવહારુ ફળકથન અને સરળ સમજણને ધ્યાનમાં રાખીને લખવામાં આવી છે, જેથી વાચકોને દૈનિક જીવન, મહત્વપૂર્ણ નિર્ણયો અને આધ્યાત્મિક સમજ માટે વિશ્વસનીય માર્ગદર્શન મળે.

લેખકની પદ્ધતિ: દરેક આગાહીમાં ગ્રહસ્થિતિ, દશા પ્રભાવ, ગોચર ફળ અને શાસ્ત્રીય જ્યોતિષ નિયમોનો વિચાર કરવામાં આવે છે, જેથી માર્ગદર્શન સંતુલિત, અર્થપૂર્ણ અને સમજવામાં સરળ રહે.

જેઓ પોતાની સંપૂર્ણ જન્મકુંડળી મેળવવા માંગે છે તેમના માટે OnlineJyotish.com Exclusive અને Premium જન્મકુંડળી પ્રદાન કરે છે. 400થી વધુ પાનાં ધરાવતી આ વિસ્તૃત જન્મકુંડળીમાં દરેક ભાવનું વિગતવાર વિશ્લેષણ, શિક્ષણ, આરોગ્ય, લગ્ન, સંતાન, નોકરી અને કારકિર્દી, ભાગ્ય તથા જીવનના હેતુ સંબંધિત વિશેષ વિશ્લેષણ, યોગ, દોષ અને ઉપાયોની સંપૂર્ણ માહિતી, ષડ્વર્ગ ફળ, ગ્રહ અવસ્થાના ફળ, અષ્ટકવર્ગ વિશ્લેષણ અને ફળ, વિંશોપક બળ અને તેના ફળ, 100 વર્ષના દશા, અંતર્દશા અને પ્રત્યંતરદશાના ફળ, 100 વર્ષના ગુરુ, શનિ, રાહુ અને કેતુના ગોચરની તારીખો તથા આગામી 10 વર્ષના ગુરુ, શનિ, રાહુ અને કેતુના વિગતવાર ગોચર ફળ સહિત અનેક વિશેષ માહિતી સામેલ છે. આ 400થી વધુ પાનાંની એક સર્વગ્રાહી બૃહત્ જન્મકુંડળી છે. નીચેની લિંક પર ક્લિક કરીને થોડી જ ક્ષણોમાં તમારી સંપૂર્ણ જન્મકુંડળી મેળવો.

તમારી સંપૂર્ણ જન્મકુંડળી મેળવો
નોંધ: આ વેબસાઇટ પર તહેવાર અને ગ્રહણની તારીખો સ્વિસ એફેમેરિસ (Swiss Ephemeris) અને દ્રિક સિદ્ધાંતના આધારે ગણવામાં આવી છે. અહીં દર્શાવેલ સમય તમારા પસંદ કરેલા શહેરના અક્ષાંશ અને રેખાંશ મુજબ ગોઠવવામાં આવ્યો છે, જેમાં સૂર્યોદય, સૂર્યાસ્ત, ચંદ્રોદય અને ચંદ્રાસ્તની ગણતરી ટોપોસેન્ટ્રિક (topocentric) કોઓર્ડિનેટ્સનો ઉપયોગ કરીને કરવામાં આવી છે. પ્રાદેશિક પરંપરાઓ અથવા સ્થાનિક પંચાંગની વિવિધતાઓને કારણે થોડો ફેરફાર શક્ય છે. જો કોઈ શંકા હોય, તો કૃપા કરીને તમારા સ્થાનિક પંચાંગ અથવા કૌટુંબિક ગોર મહારાજ (પુરોહિત) સાથે ચકાસણી કરી લેવી.