प्रत्येक पक्ष की ग्यारहवीं तिथि को एकादशी माना जाता है। व्रत की तारीख और पारण का समय तिथि की सीमाओं, स्थानीय सूर्योदय और चुनी हुई परंपरा के नियमों पर निर्भर करते हैं।
तिथियों का उपयोग करने से पहले
- सही स्थान चुनें: सूर्योदय और पारण का समय शहर के अनुसार बदलता है।
- अपनी परंपरा चुनें: स्मार्त और वैष्णव कैलेंडर विद्ध और महाद्वादशी नियम अलग ढंग से लागू कर सकते हैं।
- स्थापित परंपरा मानें: मंदिर या संप्रदाय का नियम अलग हो तो अपनी नियमित परंपरा का पालन करें।
वर्ष, स्थान और परंपरा चुनें
Ekadashi Parana Dates & Times
जनवरी, 1941
06:40 AM to 09:11 AM
भोजन करने से पहले इस समय के बीतने की प्रतीक्षा करें।
06:39 AM to 09:50 AM
भोजन करने से पहले इस समय के बीतने की प्रतीक्षा करें।
फ़रवरी, 1941
06:30 AM to 07:27 AM
भोजन करने से पहले इस समय के बीतने की प्रतीक्षा करें।
06:19 AM to 06:34 AM
भोजन करने से पहले इस समय के बीतने की प्रतीक्षा करें।
मार्च, 1941
08:33 AM to 12:40 PM
भोजन करने से पहले इस समय के बीतने की प्रतीक्षा करें।
05:48 AM to 09:26 AM
भोजन करने से पहले इस समय के बीतने की प्रतीक्षा करें।
अप्रैल, 1941
05:30 AM to 07:19 AM
भोजन करने से पहले इस समय के बीतने की प्रतीक्षा करें।
05:16 AM to 06:48 AM
भोजन करने से पहले इस समय के बीतने की प्रतीक्षा करें।
मई, 1941
06:14 AM to 10:06 AM
भोजन करने से पहले इस समय के बीतने की प्रतीक्षा करें।
08:20 AM to 01:08 PM
भोजन करने से पहले इस समय के बीतने की प्रतीक्षा करें।
जून, 1941
पारण (व्रत तोड़ने का समय)
01:03 PM to 01:18 PM
भोजन करने से पहले इस समय के बीतने की प्रतीक्षा करें।
पारण (व्रत तोड़ने का समय)
04:52 AM to 05:07 AM
भोजन करने से पहले इस समय के बीतने की प्रतीक्षा करें।
04:53 AM to 08:36 AM
भोजन करने से पहले इस समय के बीतने की प्रतीक्षा करें।
जुलाई, 1941
04:58 AM to 06:18 AM
भोजन करने से पहले इस समय के बीतने की प्रतीक्षा करें।
05:05 AM to 06:39 AM
भोजन करने से पहले इस समय के बीतने की प्रतीक्षा करें।
अगस्त, 1941
05:12 AM to 07:59 AM
भोजन करने से पहले इस समय के बीतने की प्रतीक्षा करें।
08:16 AM to 12:42 PM
भोजन करने से पहले इस समय के बीतने की प्रतीक्षा करें।
सितंबर, 1941
07:06 AM to 11:20 AM
भोजन करने से पहले इस समय के बीतने की प्रतीक्षा करें।
05:34 AM to 08:08 AM
भोजन करने से पहले इस समय के बीतने की प्रतीक्षा करें।
अक्टूबर, 1941
05:41 AM to 06:56 AM
भोजन करने से पहले इस समय के बीतने की प्रतीक्षा करें।
पारण (व्रत तोड़ने का समय)
12:16 PM to 12:31 PM
भोजन करने से पहले इस समय के बीतने की प्रतीक्षा करें।
पारण (व्रत तोड़ने का समय)
05:50 AM to 06:05 AM
भोजन करने से पहले इस समय के बीतने की प्रतीक्षा करें।
06:14 AM to 10:56 AM
भोजन करने से पहले इस समय के बीतने की प्रतीक्षा करें।
नवंबर, 1941
06:10 AM to 08:42 AM
भोजन करने से पहले इस समय के बीतने की प्रतीक्षा करें।
06:21 AM to 09:27 AM
भोजन करने से पहले इस समय के बीतने की प्रतीक्षा करें।
दिसंबर, 1941
पारण (व्रत तोड़ने का समय)
11:36 AM to 03:24 PM
भोजन करने से पहले इस समय के बीतने की प्रतीक्षा करें।
पारण (व्रत तोड़ने का समय)
06:32 AM to 06:47 AM
भोजन करने से पहले इस समय के बीतने की प्रतीक्षा करें।
06:38 AM to 08:38 AM
भोजन करने से पहले इस समय के बीतने की प्रतीक्षा करें।
एकादशी की तारीख कैसे चुनी जाती है?
गणना केवल सामान्य तारीख नहीं देखती। स्थानीय सूर्योदय, आवश्यक होने पर अरुणोदय, दशमी–एकादशी–द्वादशी की सीमाएं और परंपरा के विशेष नियम देखे जाते हैं।
स्मार्त पद्धति
इस कैलेंडर में लागू स्मार्त नियम सूर्योदय से एकादशी के संबंध और लागू विद्ध नियम देखते हैं।
वैष्णव पद्धति
वैष्णव नियम दशमी, अरुणोदय और लागू महाद्वादशी नियमों को देखते हैं।
दोनों पद्धतियां अलग व्रत दिन दिखा सकती हैं। वैष्णव तिथि हर स्थिति में अगले दिन नहीं जाती।
पारण: व्रत पूर्ण करना
पारण सामान्यतः द्वादशी को चयनित स्थान के लिए दिखाए समय के भीतर किया जाता है। सीमा सूर्योदय, द्वादशी और हरि वासर पर निर्भर हो सकती है।
हरि वासर
द्वादशी के आरंभ में पारण के लिए परंपरागत रूप से वर्जित भाग को हरि वासर कहते हैं। कैलकुलेटर और अपनी परंपरा का समय मानें।
उपवास और स्वास्थ्य
निर्जल से लेकर फल, दूध या सरल भोजन तक विधियां अलग हैं। निर्धारित दवा, आवश्यक भोजन या पानी न रोकें।
भक्तों के सामान्य प्रश्न
स्मार्त और वैष्णव एकादशी अलग दिन क्यों हो सकती है?
दशमी संपर्क, अरुणोदय, सूर्योदय और महाद्वादशी के नियम अलग ढंग से लागू हो सकते हैं।
शहर बदलने पर पारण समय क्यों बदलता है?
पारण स्थानीय सूर्योदय और तिथि समय से जुड़ा है।
दूसरा कैलेंडर अलग तारीख दिखाए तो क्या परंपरा बदलें?
सामान्यतः नहीं। जिस मंदिर, मठ, परिवार या गुरु-परंपरा को आप मानते हैं उसी का पालन करें।
बच्चे, वृद्ध या दवा लेने वाले लोग एकादशी रख सकते हैं?
वे स्वास्थ्य के अनुसार सरल रूप अपना सकते हैं। चिकित्सा आवश्यकता को प्राथमिकता दें।
गणना के बारे में
यह पृष्ठ इंजन में लागू स्मार्त या वैष्णव नियम का उपयोग करता है। दूसरी परंपरा अलग नियम अपनाए तो अंतर हो सकता है।