गुरु + राहु/केतु की युति (Jupiter + Rahu/Ketu)
गुरु "संस्कार और परंपरा" के कारक हैं, जबकि राहु "विद्रोह और सीमाओं को तोड़ने" का। जब ये दोनों मिलते हैं, तो इसे "गुरु चांडाल योग" कहा जाता है। वहीं गुरु का केतु के साथ मिलन आध्यात्मिक ऊंचाइयों को छूने वाला होता है।
| संयोजन (Combination) | विश्लेषण एवं प्रभाव |
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| गुरु + राहु (Guru-Rahu) |
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| गुरु + केतु (Guru-Ketu) |
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