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ज्योतिष पाठ - मीन राशि द्वादश भाव फल (Pisces in 12 Houses)


मीन राशि एक जल तत्व (Water) और द्विस्वभाव (Dual) राशि है। इसके स्वामी देवगुरु बृहस्पति (Jupiter) हैं। राशि चक्र की अंतिम राशि होने के कारण यह मोक्ष, त्याग और असीमित करुणा का प्रतीक है। मीन राशि जिस भाव में होती है, वहां आध्यात्मिकता, कल्पनाशीलता और कभी-कभी भ्रम (Confusion) या अत्यधिक आदर्शवाद देखा जाता है। ये लोग तर्क के बजाय श्रद्धा पर अधिक भरोसा करते हैं।

नीचे दी गई तालिका में मीन राशि के 1 से 12 भावों में होने पर मिलने वाले सामान्य परिणामों को देखें:

भाव (House) लग्न (Ascendant) मीन राशि का प्रभाव (Results of Pisces)
1ला भाव (लग्न) मीन लग्न जातक बहुत दयालु और कोमल हृदय का होता है। आँखें बड़ी और आकर्षक होती हैं। अक्सर सपनों की दुनिया में खोए रहते हैं। दूसरों की बातों से जल्दी प्रभावित (Impressionable) हो जाते हैं। आध्यात्मिक रुचि प्रबल होती है।
2रा भाव (धन) कुंभ लग्न धन का उपयोग दान-पुण्य या धार्मिक कार्यों में करते हैं। आर्थिक मामलों में कभी-कभी लापरवाह हो सकते हैं। परिवार बड़ा होता है। वाणी बहुत मधुर और शांत होती है।
3रा भाव (भ्रातृ) मकर लग्न संवाद बहुत कल्पनाशील (Imaginative) होता है। कविता या लेखन में रुचि रहती है। भाई-बहनों के साथ भावनात्मक संबंध होते हैं। तीर्थयात्राओं या छोटी यात्राओं का शौक होता है।
4था भाव (मातृ) धनु लग्न घर का वातावरण शांत और आध्यात्मिक होता है। माता बहुत धार्मिक स्वभाव की होती हैं। नदी या समुद्र के किनारे रहना पसंद करते हैं। बुढ़ापा बहुत सुखद और शांत बीतता है।
5वाँ भाव (पुत्र) वृश्चिक लग्न बच्चे बहुत रचनात्मक और संवेदनशील होते हैं। प्रेम संबंधों में पूर्ण समर्पण (Devotion) की भावना रहती है। मंत्र सिद्धि के योग बनते हैं और कल्पना शक्ति अद्भुत होती है।
6ठा भाव (शत्रु) तुला लग्न पैरों में दर्द, एलर्जी या जल जनित रोग हो सकते हैं। शत्रुओं को क्षमा करने की शक्ति रखते हैं। सेवा क्षेत्र (डॉक्टर, नर्स, हीलर) में बहुत सफल होते हैं। काम का दबाव अधिक नहीं ले पाते।
7वाँ भाव (कलत्र) कन्या लग्न जीवनसाथी बहुत भावुक और कल्पनाशील (Dreamy) होता है। साथी में व्यावहारिक सोच (Practicality) की कमी हो सकती है। दांपत्य में एक आध्यात्मिक जुड़ाव महसूस करते हैं।
8वाँ भाव (आयु) सिंह लग्न मृत्यु शांत तरीके से या नींद में होने की संभावना। अचानक कुछ आध्यात्मिक अनुभव हो सकते हैं। विरासत या बीमा के मामलों में कुछ भ्रम (Confusion) रह सकता है। जल से सावधान रहना चाहिए।
9वाँ भाव (भाग्य) कर्क लग्न (त्रिकोण स्थान) पिता गुरु के समान या आध्यात्मिक व्यक्ति होते हैं। ज्ञान की प्राप्ति के लिए लंबी यात्राएं या विदेश यात्रा करते हैं। ईश्वरीय कृपा सदैव बनी रहती है।
10वाँ भाव (राज्य) मिथुन लग्न करियर में स्थिरता की कमी हो सकती है (द्विस्वभाव राशि के कारण)। लेखक, कलाकार, मनोवैज्ञानिक या आध्यात्मिक गुरु के रूप में सफल होते हैं। एक से अधिक कार्यों में संलग्न हो सकते हैं।
11वाँ भाव (लाभ) वृषभ लग्न मित्र आध्यात्मिक या कला प्रेमी होते हैं। समुद्री व्यापार (Shipping/Fisheries) या तरल पदार्थों से लाभ मिलता है। जातक की इच्छाएं अक्सर निस्वार्थ होती हैं।
12वाँ भाव (व्यय) मेष लग्न मोक्ष के लिए यह सर्वोत्तम स्थान है। एकांत और ध्यान प्रिय होते हैं। नींद बहुत गहरी आती है या बहुत अधिक सपने आते हैं। विदेश में बसने के प्रबल योग होते हैं और दान-पुण्य करते हैं।

महत्वपूर्ण नोट

मीन राशि के परिणाम बृहस्पति (Jupiter) की स्थिति पर निर्भर करते हैं। यदि गुरु प्रबल हो (जैसे कर्क में उच्च), तो अद्भुत ज्ञान और शांति प्राप्त होती है। यदि गुरु दूषित हो या राहु के साथ हो, तो व्यक्ति काल्पनिक दुनिया में रहता है या व्यसनों (Addictions) का शिकार हो सकता है।




नोट: इस वेबसाइट पर त्योहारों और ग्रहण की तिथियों की गणना स्विस एफेमेरिस (Swiss Ephemeris) और दृक सिद्धांत के आधार पर की गई है। यहां दर्शाए गए समय आपके चुने गए शहर के अक्षांश और देशांतर के अनुसार समायोजित किए गए हैं, जिसमें सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त की गणना टोपोसेंट्रिक (topocentric) निर्देशांकों का उपयोग करके की गई है। क्षेत्रीय परंपराओं या स्थानीय पंचांग की भिन्नताओं के कारण इसमें मामूली अंतर आ सकता है। किसी भी संदेह की स्थिति में, कृपया अपने स्थानीय पंचांग या पारिवारिक पुरोहित (पंडित जी) से पुष्टि अवश्य कर लें।