OnlineJyotish.com

ज्योतिष पाठ - सिंह राशि द्वादश भाव फल (Leo in 12 Houses)

सिंह राशि एक अग्नि तत्व (Fire) और स्थिर (Fixed) राशि है, जिसके स्वामी ग्रहों के राजा सूर्य (Sun) हैं। अतः सिंह राशि जिस भाव में होती है, उस भाव से संबंधित विषयों में अधिकार (Authority), आत्म-सम्मान (Self-Respect), प्रसिद्धि और थोड़ा अहंकार (Ego) देखा जाता है। ये लोग इन मामलों में समझौता करना पसंद नहीं करते।

नीचे दी गई तालिका में सिंह राशि के 1 से 12 भावों में होने पर (अर्थात् विभिन्न लग्नों के लिए) मिलने वाले सामान्य परिणामों को देखें:

भाव (House) लग्न (Ascendant) सिंह राशि का प्रभाव (Results of Leo)
1ला भाव (लग्न) सिंह लग्न जातक बहुत आत्मविश्वासी और राजसी स्वभाव का होता है। जन्मजात नेतृत्व के गुण। दूसरों के अधीन काम करना कठिन लगता है। बाल या माथा आकर्षक होता है और क्रोध जल्दी शांत होता है।
2रा भाव (धन) कर्क लग्न वाणी गंभीर और प्रभावशाली होती है। परिवार के प्रति बहुत सम्मान। धन का खर्च अपनी प्रतिष्ठा (Status) बनाए रखने के लिए करते हैं। सरकारी क्षेत्र या पिता से लाभ।
3రా भाव (भ्रातृ) मिथुन लग्न जातक बहुत साहसी होता है। संवाद शैली शक्तिशाली होती है। भाई-बहनों या पड़ोसियों पर प्रभुत्व जमाते हैं। प्रसिद्धि पाने के लिए यात्राएं करते हैं।
4था भाव (मातृ) वृषभ लग्न घर राजमहल जैसा भव्य होना चाहिए। माता का स्वभाव डोमिनेटिंग या घर में मुख्य निर्णायक का होता है। रियल एस्टेट या राजनीति से अचल संपत्ति अर्जित करते हैं।
5वाँ भाव (पुत्र) मेष लग्न सृजनात्मकता (Creativity) अद्भुत होती है। संतान भले ही कम हो, पर वे सफल होते हैं। खेल, राजनीति या शेयर बाजार में नाम कमाते हैं। प्रेम में ईमानदारी और स्वाभिमान रहता है।
6ठा भाव (शत्रु) मीन लग्न शत्रुओं पर आसानी से विजय प्राप्त करते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होते हैं। हृदय (Heart) या रीढ़ (Spine) से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। सरकारी नौकरी के लिए उत्तम।
7वाँ भाव (कलत्र) कुंभ लग्न जीवनसाथी अच्छे रुतबे वाले परिवार से आता है। साथी में थोड़ा गर्व या स्वाभिमान अधिक होता है। दांपत्य में वर्चस्व की लड़ाई (Power Struggle) की संभावना रह सकती है।
8वाँ भाव (आयु) मकर लग्न अचानक प्रसिद्धि मिलना या अचानक पतन (Scandal) की संभावना। हृदय या गर्मी संबंधी रोग स्वास्थ्य पर प्रभाव डाल सकते हैं। पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद हो सकते हैं।
9वाँ भाव (भाग्य) धनु लग्न पिता बहुत प्रभावशाली व्यक्ति या अधिकारी हो सकते हैं। जातक धर्म का कड़ाई से पालन करता है। भक्ति से अधिक आत्म-ज्ञान (Self-knowledge) में रुचि होती है और राजनीतिक भाग्य प्रबल होता है।
10वाँ भाव (राज्य) वृश्चिक लग्न करियर के शिखर (Top Position) तक पहुँचते हैं। CEO, मैनेजर या सरकारी अधिकारी बनते हैं। करियर में बड़ी महत्वाकांक्षा और मान-सम्मान (Fame) प्राप्त करते हैं।
11वाँ भाव (लाभ) तुला लग्न मित्र ऊँचे पदों पर होते हैं। सरकार या राजनेताओं से लाभ मिलता है। महत्वाकांक्षाएं ऊँची (High Ambitions) होती हैं और समाज में अच्छी प्रतिष्ठा रहती है।
12वाँ भाव (व्यय) कन्या लग्न दिखावे और अपनी प्रतिष्ठा (Luxury & Status) के लिए जमकर खर्च करते हैं। जंगलों या पहाड़ों में एकांत बिताना पसंद है। सरकार द्वारा जुर्माना या दंड की संभावना रह सकती है।

महत्वपूर्ण नोट

सिंह राशि के परिणाम सूर्य की स्थिति पर अत्यधिक निर्भर करते हैं। यदि सूर्य प्रबल हो (जैसे मेष में उच्च) तो जातक में अद्भुत नेतृत्व शक्ति होती है। यदि सूर्य कमजोर हो (जैसे तुला में नीच) तो अहंकार के कारण नुकसान उठाना पड़ सकता है।




नोट: इस वेबसाइट पर त्योहारों और ग्रहण की तिथियों की गणना स्विस एफेमेरिस (Swiss Ephemeris) और दृक सिद्धांत के आधार पर की गई है। यहां दर्शाए गए समय आपके चुने गए शहर के अक्षांश और देशांतर के अनुसार समायोजित किए गए हैं, जिसमें सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त की गणना टोपोसेंट्रिक (topocentric) निर्देशांकों का उपयोग करके की गई है। क्षेत्रीय परंपराओं या स्थानीय पंचांग की भिन्नताओं के कारण इसमें मामूली अंतर आ सकता है। किसी भी संदेह की स्थिति में, कृपया अपने स्थानीय पंचांग या पारिवारिक पुरोहित (पंडित जी) से पुष्टि अवश्य कर लें।