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ज्योतिष पाठ - श्रवण नक्षत्र (The Star of Listening)


आकाश मंडल में श्रवण 22वां नक्षत्र है (10°00' - 23°20' मकर राशि)। यह पूरी तरह से मकर राशि के भीतर आता है। इस नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा हैं। इसका प्रतीक "कान" (Ear) या तीन पदचिह्न हैं। इसके अधिष्ठाता देव भगवान विष्णु हैं (साथ ही माँ सरस्वती का आशीर्वाद भी इस नक्षत्र को प्राप्त है)। 'श्रवण' का अर्थ है 'सुनना'। जिस प्रकार वामन अवतार में भगवान विष्णु ने तीन पगों में लोकों को नाप लिया था, उसी प्रकार इस नक्षत्र के जातक अपने ज्ञान और बुद्धि से दुनिया को जीतने का सामर्थ्य रखते हैं।

मुख्य विशेषताएँ (Key Characteristics)

  • श्रवण कौशल (Listening): ये जातक बहुत अच्छे श्रोता (Good Listeners) होते हैं। ये बोलने से ज्यादा सुनने में विश्वास रखते हैं और सुनकर ही बहुत कुछ सीख लेते हैं। इन्हें वेदों, शास्त्रों और संगीत को सुनने में गहरी रुचि होती है।
  • ज्ञान और विद्या: माँ सरस्वती की विशेष कृपा के कारण ये जातक महान विद्वान और ज्ञानी होते हैं। इनकी शिक्षा का स्तर ऊँचा होता है और ये नई भाषाओं को सीखने में निपुण होते हैं।
  • गति और भ्रमण (Walking): भगवान विष्णु के तीन पगों का प्रतीक होने के कारण इन्हें चलना और यात्रा करना प्रिय होता है। ये कभी खाली बैठना पसंद नहीं करते। कभी-कभी इनके चलने के अंदाज में एक विशिष्ट पहचान (थोड़ा सा लचक या अलग चाल) हो सकती है।

नक्षत्र चरणों का फल (Results by Padas)

चरण नवांश राशि विशेषता
प्रथम चरण मेष (मंगल) तार्किक क्षमता, उच्च आत्म-सम्मान और अपने लक्ष्यों के प्रति समर्पित। इंजीनियरिंग या रक्षा क्षेत्र के लिए उत्तम।
द्वितीय चरण वृषभ (शुक्र) कला, संगीत, मधुर वाणी और कूटनीति। जातक बहुत प्रभावशाली ढंग से बात करता है और दूसरों को प्रभावित करता है।
तृतीय चरण मिथुन (बुध) अत्यधिक बौद्धिक क्षमता। मीडिया, पत्रकारिता और संचार कौशल (Communication) में सफलता।
चतुर्थ चरण कर्क (चंद्रमा) चंद्रमा का अपना नवांश। समाज सेवा, राजनीति और सार्वजनिक क्षेत्र में बहुत लोकप्रियता प्राप्त होती है।

श्रवण में ग्रहों का प्रभाव

  • चंद्रमा (Moon): यह चंद्रमा का अपना नक्षत्र है। जातक का मन बहुत संवेदनशील और दयालु होता है। माता के साथ बहुत गहरा जुड़ाव होता है।
  • शनि (Saturn): मकर राशि में शनि और चंद्रमा का नक्षत्र होने के कारण जातक समाज सेवा और राजनीति में बहुत ऊँचा मुकाम हासिल करता है।
  • बुध (Mercury): जातक महान वक्ता बनता है। इसकी वाणी में एक विशेष आकर्षण होता है जो लोगों को मंत्रमुग्ध कर देता है।



नोट: इस वेबसाइट पर त्योहारों और ग्रहण की तिथियों की गणना स्विस एफेमेरिस (Swiss Ephemeris) और दृक सिद्धांत के आधार पर की गई है। यहां दर्शाए गए समय आपके चुने गए शहर के अक्षांश और देशांतर के अनुसार समायोजित किए गए हैं, जिसमें सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त की गणना टोपोसेंट्रिक (topocentric) निर्देशांकों का उपयोग करके की गई है। क्षेत्रीय परंपराओं या स्थानीय पंचांग की भिन्नताओं के कारण इसमें मामूली अंतर आ सकता है। किसी भी संदेह की स्थिति में, कृपया अपने स्थानीय पंचांग या पारिवारिक पुरोहित (पंडित जी) से पुष्टि अवश्य कर लें।